A letter from an employee of State Bank of India (SBI) is going viral on social media. Read what he said:
सेवा में,
श्रीमान चेयरमैन
भारतीय स्टेट बैंक
मुंबई
विषय : क्षेत्रीय प्रबंधक रीजन-3, वाराणसी द्वारा प्रताड़ित करने के सम्बन्ध में।
महोदय,
मेरी माँ लीवर कैंसर से पीड़ित हैं एवं उनका इलाज एच.सी.जी. हॉस्पिटल, बेंगलुरु में चल रहा है। अभी वो ICU में हैं। मैं दिनांक 1-12-2025 को बेंगलुरु से वाराणसी बैंक में आया। मुझे पैसों की अत्यन्त आवश्यकता है, जिसके लिए पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया। लेकिन Mgr HR ने आवेदन लेने से मना कर दिया कि क्षेत्रीय प्रबंधक रीजन-3 वाराणसी ने आपका कोई भी कार्य करने से मना किया है। यह बात CM HR सर को मैंने बताया, उनका एवं DGM सर का सहयोग रहा। वो Mgr HR रीजन-3 एवं क्षेत्रीय प्रबंधक को बात एवं email द्वारा मुझे मदद करने को कहा। उसके बावजूद भी दो दिन से मैं रीजन-3 में बैठा रहा, कोई मुझे मदद नहीं किया। इसके पूर्व भी मैंने संजीवनी में जिसका टिकट सं० – GRI202500091375 द्वारा प्रताड़ित करने का समस्या का आवेदन कर रखा है। विगत 4-5 महीने से रीजन से लगातार प्रताड़न के माध्यम से अपनी समस्या रख रहा हूँ। मेरे एवं मेरे जीवन में कोई भी प्रकार का अप्रिय घटना होता है तो उसके लिए क्षेत्रीय प्रबंधक रीजन-3 वाराणसी पूर्णतः जिम्मेदार होंगे। मुझे माँ को बेंगलुरु से मुंबई शिफ्ट करना पड़ सकता है। इसलिए मुझे पैसों की अत्यन्त आवश्यकता है। आवेदन नहीं लेने के कारण मुझे ऋण आवेदन email द्वारा मैनेज करना पड़ा। चूंकि माँ ICU में भर्ती हैं इसलिए मुझे मदद वापस में कैश जमा पड़ रहा है।
अतः श्रीमान से निवेदन है कि आप एक मात्र सहारा हैं जो जल्दी से ऋण का कार्य करवा दें जिससे माँ का इलाज सम्भव हो पाए। इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूँगा।
भवदीय
Kumar Mitesh
नाम : कुमार मितेश
PF No. – 6585876
Mob No. – 7007074886
Email – tinku50001@gmail.com
SBI, Zamania, RBO-3, Varanasi
Date : 04-12-2025
