सेवा में,
श्री अतुल कुमार गोयल,
चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी,
पंजाब नेशनल बैंक।
विषय – श्रीमती सरिता सिंह द्वारा हरिद्वार मंडल में भय और आतंक के माहौल के संदर्भ में।
महोदय,
मेरे पति पंजाब नेशनल बैंक हरिद्वार क्षेत्र की शाखा में प्रबंधक के तौर पर कार्यरत हैं। बीते दो-तीन माह से वह काफी तनाव की स्थिति में गुजर रहे हैं। मैंने अभी तक जहां पर भी उनका ट्रांसफर हुआ हमेशा अपने कार्य और बैंक के लिए उत्साह के साथ काम करते हुए देखा है।
आज वह मेंटल स्ट्रेस और इस उम्र में हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हो गए हैं।
मुझे कारण पता लगा कि श्रीमती सरिता सिंह जोकि मंडल प्रमुख हरिद्वार हैं उन्होंने मेरे पति को लगातार मानसिक प्रताड़ना दे रखी है।
मुझे पता चला है कि वह हमेशा सभी को धमकाती हैं और कैरियर खराब करने की धमकी देती रहती हैं।
जब मैंने इस विषय में बैंक के अन्य कर्मचारियों से सत्यता जानने की कोशिश की तो सभी ने यही कहा कि जब से मंडल प्रमुख सरिता सिंह
हरिद्वार आई है तब से यहां पर निराशा एवम भय का वातावरण है।
कोई भी कर्मचारी यहां रहना नहीं चाहता है प्रतिदिन व सभी को धमकाती हैं कि मैं तुम्हारा ट्रांसफर कहीं दूर पर कर दूंगी तुम्हारा कैरियर खराब कर दूंगी । पर लोग डर के मारे आवाज नहीं उठा सकते।
यहां तक कि वह यहां के सीनियर ऑफिसर को भी नहीं छोड़ती और पब्लिकली जलील करती है जिसकी वजह से कई लोग तनाव में चल रहे हैं। सर हमारे परिवार में हमारे बुजुर्ग माता-पिता और दो छोटे बच्चे हैं और हम पूरी तरह मेरे पति पर आश्रित हैं।
अगर मेरे पति को मानसिक प्रताड़ना की वजह से कुछ हुआ और हम अनाथ हुए तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरिता सिंह मंडल प्रमुख हरिद्वार की होगी।
सर यहां सिर्फ मेरे पति अथवा एक परिवार की व्यथा नहीं है बल्कि समस्त हरिद्वार क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवार की व्यथा है।
आशा है कि आप इस संदर्भ में कोई उचित कदम उठाएंगे और बैंक के कर्मचारियों और उनके परिवार को श्रीमती सरिता सिंह की वजह से होने वाली मानसिक प्रताड़ना से बचाएंगे।
मुझे यह भी जानकारी प्राप्त हुई है की सरिता सिंह अक्सर यह कहती हैं कि उनके बैंक के उच्च अधिकारियों से लिंक हैं और वह किसी का भी ट्रांसफर तथा उनका कैरियर 2 मिनट में तबाह कर सकती है।
इन्हें बैंक से नहीं अथवा अपने कैरियर से प्यार है। इनमें अहंकार कूट-कूट के भरा हुआ है।
आपसे मेरा विनम्र निवेदन है कि ऐसे व्यक्ति को किसी की भी पर्सनल लाइफ से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है और ना ही अपनी इच्छा की पूर्ति के लिए किसी की बलि देने का अधिकार है।
कोई भी व्यक्ति अपने काम को पूरी लगन से नहीं कर सकता जब हर समय उसको धमकियों का सामना करना पड़ता है।
सर , इस पत्र की सत्यता जानने के लिए आप हरिद्वार क्षेत्र के कर्मचारियों का confidential सर्वे करा सकते हैं क्योंकि कोई भी भय के कारण इनके बारे में खुलकर नहीं बोलेगा।
अतः आपसे मेरा विनम्र अनुरोध है कि समय रहते उचित कार्रवाई की जाए ताकि हमारी तरह और भी कई परिवार है जो इस दुख को सह रहे है और आगे ना झेले।
धन्यवाद।
